महोत्सव का नाम: बाली तृतीय महोत्सव
उत्सव मनाने का समय (माह) : बाली तृतीय महोत्सव भद्रा के महीने ( अगस्त - सितम्बर) में मानते है
समारोह के प्रमुख शासित प्रदेश : इस बाली तृतीय महोत्सव को भारत के उड़ीसा राज्य में मनाया जाता है
समारोह में पूजा : इस दिन लोग भगवान शिव (महेश्वर) और देवी पार्वती (उमा) की पूजा करते है
समारोह के बारे में : बाली तृतीय महोत्सव भद्रा माह की शुक्ल पक्ष (अगस्त - सितम्बर) के तीसरे दिन पर उड़ीसा में मनाया जाता है. इस दिन विवाहित महिलाओं के द्वारा उपवास रखा जाता है और भगवान शिव (महेश्वर) और देवी पार्वती (उमा) की पूजा करी जाती है बाली तृतीय महोत्सव हरतालिका तीज के नाम से भारत के अन्य भागों में एक ही दिन पर मनाया जाता है और उपवास भी एक समान रखा जाता है.
बाली तृतीय महोत्सव का इतिहास : पद्म पुराण के मिथक के अनुसार, पार्वती जी ने इस व्रत को रखा था और शिव से शादी करी. अन्य मिथक के अनुसार भगवान राम ने रावण के खिलाफ युद्ध जीतने में अपने पक्ष को हासिल करने के लिए कुछ परमात्मा की पूजा की थी. इस लिये इस महोत्सव को मानते है
त्योहार की रस्म : इस दिन लोगो लाठी से अपने घरों की छतों को पिटते है और सब शाप से छुटकारा पाने के लिये घर के सामने में पत्थर कदम को हटाते है